📍 ओंकारेश्वर बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र
ओंकारेश्वर को अब अद्वैत दर्शन के विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि यहां 2400 करोड़ रुपये की लागत से “अद्वैत लोक” का निर्माण तेजी से चल रहा है।
🏛️ अद्वैत लोक: आध्यात्म और तकनीक का संगम
इस परियोजना के तहत—
- 108 फीट ऊंची एकात्मता की मूर्ति
- शंकर संग्रहालय
- अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान
- डिजिटल लाइब्रेरी
- ध्यान एवं साधना केंद्र
का निर्माण किया जा रहा है।
यह स्थान श्रद्धालुओं को ज्ञान और आध्यात्म दोनों का अनुभव देगा।
🌿 अद्वैत वन और सांस्कृतिक विकास
ओंकार पर्वत पर 38 हेक्टेयर क्षेत्र में “अद्वैत वन” विकसित किया जा रहा है, जहां 40 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही कला, संगीत और मूर्तिकला से जुड़ी कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।
🌊 नर्मदा तट पर आध्यात्मिक अनुभव
नर्मदा नदी के किनारे लेजर और साउंड शो शुरू किया जाएगा।
इसमें आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
🚶♂️ 17 हजार किमी की ‘एकात्म यात्रा’
2027 में केरल के कालड़ी से केदारनाथ तक 17,000 किमी लंबी “एकात्म यात्रा” निकाली जाएगी।
इसका उद्देश्य अद्वैत वेदांत के संदेश को पूरे देश और दुनिया तक पहुंचाना है।
🙏 संतों का संदेश: दुनिया तक पहुंचे अद्वैत
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि अब समय है कि शंकराचार्य के विचार वैश्विक स्तर पर फैलें।
कार्यक्रम में कई संतों और विद्वानों ने अद्वैत दर्शन को विश्व शांति का मार्ग बताया।
👥 700 युवा बने ‘शंकरदूत’
कार्यक्रम के दौरान 700 से अधिक युवाओं को ‘शंकरदूत’ के रूप में दीक्षित किया गया।
इनका उद्देश्य अद्वैत दर्शन और एकता का संदेश समाज तक पहुंचाना है।



