🔹 पृथ्वी दिवस पर क्या संदेश मिला?
कानपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को जरूरी बताया गया।
हर नागरिक को आगे आने की अपील की गई।
🔹 किसने दिया यह संदेश?
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने संबोधित किया।
उन्होंने टिकाऊ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को समाधान बताया।
🔹 क्यों जरूरी है प्राकृतिक खेती?
प्राकृतिक खेती मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखती है।
रासायनिक खेती से पर्यावरण को नुकसान होता है।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलते हैं।
🔹 पर्यावरण बचाने के उपाय
प्लास्टिक का उपयोग कम करना जरूरी है।
जल संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण से संतुलन बना रहता है।
🔹 भविष्य के लिए क्या करें?
अक्षय ऊर्जा और नई तकनीक अपनानी होगी।
कम पानी और कम प्रदूषण वाली खेती जरूरी है।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण ही टिकाऊ भविष्य का आधार है।



