🌾 गांवों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा
Indian Institute of Technology Roorkee ने ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है।
इस कदम से गांवों में रोजगार, उत्पादन और आत्मनिर्भरता को नई गति मिलने की उम्मीद है।
🔧 नई तकनीक से आसान होगा काम
आईआईटी रुड़की के ग्रामीण प्रौद्योगिकी कार्य समूह ‘रुट-ए जी’ के माध्यम से विकसित आधुनिक मशीनों को उद्योगों तक पहुंचाया जा रहा है।
इनमें प्रमुख हैं:
- मल्टीमिलेट डिहस्किंग मशीन
- हेम्प डिकॉर्टिकेटर
ये मशीनें किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के काम को तेज, आसान और अधिक उत्पादक बनाएंगी।
🚜 उत्पादन और आय में होगा इजाफा
नई तकनीकों से:
- मिलेट प्रोसेसिंग में समय की बचत होगी
- मेहनत कम लगेगी
- उत्पादन कई गुना बढ़ेगा
- किसानों की आय में सुधार होगा
हेम्प आधारित उद्योगों को भी इससे नई गति मिलने की संभावना है।
🤝 उद्योगों के साथ साझेदारी
इस पहल के तहत आईआईटी रुड़की ने कई उद्योगों के साथ करार किया है, जिनमें शामिल हैं:
- Indo Climate Lab
- Jai Maa Durga Engineering Company
- Dheeman Enterprises
इस सहयोग से इन तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल संभव होगा।
🎯 आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम
आईआईटी रुड़की के निदेशक Kamal Kishore Pant ने कहा कि संस्थान ऐसे नवाचारों पर काम कर रहा है, जो सीधे समाज के काम आएं।



