🔹 क्या है पूरा मामला?
Iran ने बड़ा बयान दिया है।
विदेश मंत्री Abbas Araghchi के इस्लामाबाद पहुंचते ही साफ कर दिया गया कि अमेरिका से बातचीत की कोई योजना नहीं है।
🔹 इस्लामाबाद दौरे का मकसद
Islamabad पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल का फोकस केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर है।
ईरान ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करने के लिए है।
🔹 अमेरिका का अलग दावा
दूसरी ओर United States ने दावा किया है कि बातचीत संभव है।
अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और सलाहकार Jared Kushner के इस्लामाबाद आने की बात कही गई है।
🔹 ईरान ने क्यों किया इनकार?
ईरान की संसद समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने स्पष्ट किया कि
यह दौरा परमाणु वार्ता से जुड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि अराघची को इस संबंध में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
🔹 आगे क्या हो सकता है?
दोनों देशों के बयानों में अंतर साफ नजर आ रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है—क्या पर्दे के पीछे कोई बातचीत संभव है?



