🔹 क्या हुआ राज्यसभा में?
राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण बदल गया है।
भारतीय जनता पार्टी की ताकत बढ़कर अब 113 सांसदों तक पहुंच गई है।
🔹 किन सांसदों का हुआ विलय?
आम आदमी पार्टी छोड़कर आए 7 सांसदों को औपचारिक मंजूरी मिल गई।
इनमें प्रमुख नाम हैं:
- राघव चड्ढा
- हरभजन सिंह
- स्वाति मालीवाल
- अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, राजिंदर गुप्ता
अब ये सभी भाजपा संसदीय दल का हिस्सा बन चुके हैं।
🔹 किसने दी मंजूरी?
सी.पी. राधाकृष्णन (सभापति) ने इस विलय को मंजूरी दी।
इसके बाद राज्यसभा की अपडेटेड सूची जारी की गई।
🔹 सरकार की प्रतिक्रिया
किरण रिजिजू ने इस फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने इसे “सकारात्मक राजनीति” का उदाहरण बताया।
🔹 क्यों अहम है यह बदलाव?
इस बदलाव से भाजपा को उच्च सदन में रणनीतिक बढ़त मिली है।
कानून पास कराने और राजनीतिक फैसलों में अब पार्टी की स्थिति और मजबूत होगी।
🔹 राजनीतिक मायने
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम आगामी विधेयकों के लिए गेम-चेंजर हो सकता है।
नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।



