🌸 कूवागम उत्सव 2026: पहचान और सम्मान का मंच
विलुप्पुरम जिले में आयोजित कूवागम उत्सव 2026 इस बार भी खास रहा।
यह आयोजन कूथांडवर मंदिर में हुआ, जहां हर साल ट्रांसजेंडर समुदाय अपनी परंपरा और पहचान का उत्सव मनाता है।
👑 ओमना बनीं ‘मिस तिरुनंगई 2026’
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ओमना ने जीत हासिल की।
चेन्नई की सायश्री दूसरे और सुगी तीसरे स्थान पर रहीं।
विजेताओं के नाम की घोषणा के साथ ही पूरा माहौल तालियों और उत्साह से गूंज उठा।
🎭 हजारों प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा
इस भव्य आयोजन में 1000 से अधिक ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
नृत्य, लोककला, फैशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रतिभा के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाई।
🌈 सामाजिक समावेश का संदेश
कार्यक्रम में के. पोनमुडी भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि ‘तिरुनंगई’ शब्द सम्मान और पहचान का प्रतीक है, जिसे एम. करुणानिधि ने प्रचलित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की स्थापना 2008 में की गई थी, जो इस समुदाय के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम था।
💡 क्यों खास है कूवागम उत्सव?
कूवागम उत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह:
- ट्रांसजेंडर समुदाय की पहचान का उत्सव है
- सामाजिक समानता का संदेश देता है
- अधिकार और सम्मान के लिए मंच प्रदान करता है



