🔹 क्या है भोजशाला विवाद?
भोजशाला से जुड़ा मामला लंबे समय से विवादों में है।
यह स्थल मंदिर है या मस्जिद—इसी को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है।
🔹 हाई कोर्ट में क्या हुआ?
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई।
युगलपीठ में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने मामले की सुनवाई की।
इंटरवीनर पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने एएसआई की रिपोर्ट पर सवाल उठाए।
🔹 एएसआई की भूमिका पर क्यों उठे सवाल?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1998 में कहा था कि यह तय नहीं किया जा सकता कि स्थल मंदिर है या मस्जिद।
अब वही एएसआई इसे मंदिर बता रही है।
इसी विरोधाभास को लेकर कोर्ट में रिपोर्ट को “संदेहास्पद” बताया गया।
🔹 याचिकाओं पर भी उठे सवाल
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और कुलदीप तिवारी की याचिकाओं की वैधता पर सवाल उठाए गए।
दलील दी गई कि यह जनहित याचिका नहीं, बल्कि स्वामित्व विवाद (टाइटल सूट) है।
इसे सिविल कोर्ट में सुना जाना चाहिए।
🔹 कोर्ट में और क्या जानकारी दी गई?
एएसआई की ओर से बताया गया कि सर्वे की वीडियो फुटेज सील्ड हार्ड ड्राइव में कोर्ट में जमा की गई है।
साथ ही इसे ईआरपी सिस्टम पर अपलोड कर प्रतिवादियों को देखने की सुविधा दी गई है।
🔹 आगे क्या होगा?
मामले में दलीलें अभी जारी हैं।
अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।



