🔹 कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
Brent Crude मंगलवार के ऊपरी स्तर से करीब 7 प्रतिशत टूट गया।
ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
🔹 अमेरिका के फैसले का असर
Donald Trump प्रशासन की ओर से “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” खत्म करने के संकेत के बाद बाजार में नरमी आई।
अमेरिका ने दावा किया कि उसने अपने अभियान का उद्देश्य हासिल कर लिया है।
इससे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका कम हुई।
🔹 ब्रेंट और WTI में कितनी गिरावट?
ब्रेंट क्रूड ने 107.75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार शुरू किया।
कुछ समय बाद यह 108 डॉलर के आसपास स्थिर हुआ।
वहीं West Texas Intermediate (WTI) क्रूड भी मंगलवार के ऊपरी स्तर से 2 प्रतिशत से अधिक टूट गया।
🔹 हार्मुज स्ट्रेट को लेकर क्या कहा गया?
ट्रंप ने कहा कि हार्मुज स्ट्रेट से जहाज निकालने की अमेरिकी कोशिश फिलहाल रोकी जाएगी।
हालांकि नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने की बात भी कही गई।
इस बयान का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर देखने को मिला।
🔹 एक्सपर्ट्स ने क्या जताई संभावना?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि युद्ध पूरी तरह खत्म होने पर भी तेल कीमतें तुरंत पुराने स्तर पर नहीं आएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेंट क्रूड 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।
हालांकि युद्ध में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के कारण सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा।
🔹 क्यों बनी हुई है चिंता?
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तेल ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसी वजह से आने वाले समय में सप्लाई बाधित रहने की आशंका बनी हुई है।
जब तक उत्पादन और सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।



