🔹 15 साल बाद खुला मंदिर
Asansol में वर्षों से बंद पड़े दुर्गा मंदिर के कपाट आखिरकार खुल गए।
स्थानीय लोगों ने मंदिर में प्रवेश कर नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
मंदिर खुलने के बाद इलाके में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
🔹 कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामले की शुरुआत वर्ष 2009 में मंदिर निर्माण के दौरान हुई थी।
बताया गया कि मंदिर बनने के बाद नियमित पूजा पर रोक लगा दी गई थी।
सिर्फ दुर्गा पूजा, काली पूजा और लक्ष्मी पूजा पर ही मंदिर खोलने की अनुमति थी।
🔹 लोगों ने तोड़ा ताला
सोमवार रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
“जय श्री राम” के नारों के बीच बंद ताला तोड़कर मंदिर के कपाट खोल दिए गए।
मंगलवार सुबह मंदिर में साफ-सफाई के बाद विधिवत पूजा शुरू हुई।
🔹 भाजपा नेता को दिया जा रहा श्रेय
स्थानीय लोग भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी को इसका श्रेय दे रहे हैं।
लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान मंदिर खोलने का वादा किया गया था।
अब मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है।
🔹 कानूनी प्रक्रिया अभी जारी
मंदिर से जुड़े ट्रस्टी संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन के लिखित आदेश के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इसके बावजूद मंदिर खुलने से स्थानीय लोगों की आस्था को नया बल मिला है।



