🔹 हरी खाद क्यों है जरूरी?
पूर्वी चंपारण में किसानों को हरी खाद अपनाने की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि रासायनिक खाद से मिट्टी कमजोर हो रही है।
हरी खाद मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में मदद करती है।
🔹 क्या बोले कृषि विशेषज्ञ?
डा. आशीष राय ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हरी खाद सस्ती और उपयोगी जैविक खाद है।
यह मिट्टी में जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाती है।
🔹 हरी खाद के लिए कौन सी फसलें बेहतर?
सनई, ढैंचा, मूंग और लोबिया अच्छी हरी खाद मानी जाती हैं।
इन फसलों की बढ़वार जल्दी और बेहतर होती है।
हरी खाद वाली फसलों को फूल आने से पहले मिट्टी में मिलाया जाता है।
🔹 हरी खाद से किसानों को क्या लाभ?
हरी खाद मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थ बढ़ाती है।
इससे मिट्टी की पानी रोकने की क्षमता मजबूत होती है।
हरी खाद खेत की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार साबित होती है।
🔹 हरी खाद इस्तेमाल करने का सही तरीका
फसल तैयार होने पर उसे खेत में पलटकर मिट्टी में दबाया जाता है।
इसके बाद खेत में कुछ दिन पानी बनाए रखना जरूरी होता है।
हरी खाद का सही प्रयोग फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है।
🔹 किसानों के लिए सस्ता और आसान उपाय
हरी खाद का प्रयोग दूसरी खादों की तुलना में कम खर्चीला माना जाता है।
इससे मिट्टी का कटाव भी कम होता है।
हरी खाद खेती को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रखने में मदद करती है।



