प्रयागराज में गौवंश संरक्षण पर विशेष जोर
प्रयागराज में गौवंश संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने नई कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना में आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है।
गौआश्रय स्थलों में बढ़ेंगी सुविधाएं
अधिकारियों के अनुसार गौवंश संरक्षण के तहत गौआश्रय स्थलों में अतिरिक्त शेड, हरे चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही चारा कटाई मशीन और अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
विभागों के बीच बढ़ेगा समन्वय
गौवंश संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए कई विभाग मिलकर काम करेंगे। पशुपालन विभाग के साथ कृषि, सिंचाई, पंचायती राज और राजस्व विभाग भी सहयोग करेंगे।
जनसहभागिता पर रहेगा फोकस
प्रशासन ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए किसानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जा रहा है।
आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल
गौवंश संरक्षण को बेहतर बनाने के लिए जीपीएस और जीआईएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा मोबाइल चारा बैंक, बायोगैस यूनिट और सोलर ऊर्जा आधारित जल पंप भी लगाए जाएंगे।
आपात स्थिति के लिए विशेष तैयारी
बेसहारा पशुओं की पहचान और इलाज के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की तैनाती की जाएगी। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है ताकि गौवंश संरक्षण कार्य तेजी से हो सके।
बेहतर भविष्य की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं से गौवंश संरक्षण को स्थायी मजबूती मिलेगी। साथ ही पशुओं की मृत्यु दर कम होगी और गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं पहले से बेहतर बनेंगी।



