सांची से दिल्ली रवाना होंगे पवित्र अवशेष
मध्य प्रदेश के सांची स्तूप में सुरक्षित भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेष आज भोपाल से नई दिल्ली भेजे जाएंगे। इस दौरान उन्हें राजकीय सम्मान दिया जाएगा।
मंगोलिया में होगा ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारत सरकार की पहल पर ये पवित्र अवशेष मंगोलिया भेजे जा रहे हैं। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में 31 मई से इनका सार्वजनिक प्रदर्शन शुरू होगा।
दिल्ली में होंगे सार्वजनिक दर्शन
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में 29 मई को पवित्र अवशेष आम लोगों के दर्शन के लिए रखे जाएंगे। इस दौरान विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित होंगे।
भारत-मंगोलिया संबंध होंगे मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि पवित्र अवशेषों की यह यात्रा भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देगी। इससे बौद्ध पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
सांची स्तूप की वैश्विक पहचान
यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों में गिना जाता है। यहां संरक्षित पवित्र अवशेष बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पूजनीय माने जाते हैं।
पर्यटन को मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से मध्य प्रदेश के बौद्ध सर्किट में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। पवित्र अवशेषों के कारण सांची एक बार फिर वैश्विक चर्चा में आ गया है।
भगवान बुद्ध के शिष्यों से जुड़ी आस्था
ये पवित्र अवशेष भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्य सारिपुत्र और महामौद्गल्यायन से जुड़े हैं। बौद्ध धर्म में दोनों को अत्यंत सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।



