पेंच को मिल सकती है नई पहचान
मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान हासिल कर सकता है। सरकार इसे यूनेस्को के “मेन एंड बायोस्फीयर” कार्यक्रम में शामिल कराने की तैयारी कर रही है।
यूनेस्को को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पर्यावरण मंत्रालय की बैठक में पेंच टाइगर रिजर्व को बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा दिलाने पर सहमति बनी है। जल्द ही इसका प्रस्ताव यूनेस्को को भेजा जाएगा।
संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
पेंच टाइगर रिजर्व को बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा मिलने से वन्यजीवों और दुर्लभ वनस्पतियों का संरक्षण और मजबूत होगा। इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
इको-टूरिज्म को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ने से इको-टूरिज्म को बड़ा लाभ मिलेगा। देश-विदेश से अधिक पर्यटक और शोधकर्ता यहां पहुंच सकेंगे।
स्थानीय लोगों को मिलेगा फायदा
पेंच टाइगर रिजर्व के आसपास रहने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन और संरक्षण गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वैश्विक मंच पर बढ़ेगी पहचान
बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद पेंच टाइगर रिजर्व दुनिया के प्रमुख पर्यावरणीय और जैव विविधता केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुसंधान संसाधनों का भी लाभ मिलेगा।



