विश्व पर्यावरण दिवस पर गहलोत का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी अपने संदेश में गहलोत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक स्तर पर बड़ी चुनौती बन चुका है। इसका असर वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है। इसलिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
पौधारोपण का किया आह्वान
गहलोत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी और सरल माध्यम है। इससे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
पर्यावरण संरक्षण की योजनाओं का किया उल्लेख
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया था। विभिन्न शहरों में पार्क विकसित किए गए और हरित क्षेत्रों का विस्तार किया गया। इसके साथ ही कई पर्यावरणीय योजनाएं भी संचालित की गईं।
जल, जंगल और जमीन बचाने पर जोर
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर गहलोत ने लोगों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है।
जनभागीदारी से बनेगा हरित भविष्य
गहलोत ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जागरूकता का अवसर है। यदि समाज मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।



