छत्तीसगढ़ के शराब और डीएमएफ घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और डीएमएफ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार यह कार्रवाई कथित तौर पर अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ की गई है।
1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क
ईडी ने हाल ही में तीन प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं। इन संपत्तियों की डीड वैल्यू करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि बाजार मूल्य 1,000 करोड़ से 1,400 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में रायपुर स्थित ढेबर सिटी की बेनामी संपत्तियां और गोवा का आलीशान वेस्टिन होटल भी शामिल है।
शराब घोटाले से जुड़ी काली कमाई का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि गोवा स्थित होटल वेस्टिन को शराब घोटाले से अर्जित लगभग 110 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई से खरीदा गया था। ईडी ने ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक जैसी कंपनियों के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड भी फ्रीज किए हैं।
4,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
जांच में सामने आया है कि कथित सिंडिकेट पर शराब, कोयला, सट्टा और डीएमएफ घोटालों के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है। ईडी के अनुसार केवल शराब घोटाले से ही 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की गई। आरोप है कि नकली होलोग्राम वाली शराब की बिक्री, प्रति पेटी कमीशन वसूली और लाइसेंस वितरण में अनियमितताओं के जरिए यह नेटवर्क संचालित किया गया।
चार नए आरोपितों के नाम शामिल
ईडी ने 1 जून 2026 को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में इस मामले की छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की। इसमें व्यवसायी विजय भाटिया, टी. भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को नए आरोपित के रूप में शामिल किया गया है।
आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हुई
चार नए नाम जुड़ने के बाद इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ईडी और अन्य जांच एजेंसियां मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं।



