राज्यसभा चुनाव: मध्य प्रदेश की तीसरी सीट पर भाजपा ने महेश केवट को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प

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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: तीसरी सीट पर भाजपा उम्मीदवार होंगे महेश केवट

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के मुकाबले मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को मैदान में उतारने का फैसला किया है। दोनों उम्मीदवार सोमवार को भोपाल में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

भाजपा ने देर रात किया उम्मीदवार का ऐलान

राज्यसभा की रिक्त हो रही तीन सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि से ठीक पहले भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद महेश केवट को उम्मीदवार घोषित किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की।

दो सीटों पर भाजपा, एक पर कांग्रेस की मजबूत स्थिति

मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 मतों की आवश्यकता होती है।

विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। संख्या बल के आधार पर भाजपा की दो सीटों और कांग्रेस की एक सीट पर जीत लगभग तय मानी जा रही है।

तीसरी सीट ने बढ़ाई राजनीतिक दिलचस्पी

दो उम्मीदवारों के निर्वाचित होने के बाद भाजपा के पास लगभग 48 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए पार्टी को करीब 10 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी। यही वजह है कि तीसरी सीट का चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांग्रेस की उम्मीदवार हैं मीनाक्षी नटराजन

कांग्रेस ने अपनी ओर से वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। वे भी सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगी।

पहले ही दाखिल हो चुके हैं दो भाजपा उम्मीदवार

इससे पहले भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भाजपा नेतृत्व ने सभी विधायकों को मतदान प्रक्रिया तक भोपाल में रहने के निर्देश दिए हैं।

क्या कहते हैं राजनीतिक समीकरण?

विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस की एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन भाजपा द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने से चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। अब सभी की नजरें नामांकन और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं।

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