12 साल पुराने स्मैक तस्करी मामले में आरोपी को दो साल की सजा
जोधपुर की एनडीपीएस अदालत ने लंबे समय से लंबित स्मैक तस्करी मामला में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वर्ष 2014 में हुई थी गिरफ्तारी
विशिष्ट लोक अभियोजक गोविन्द जोशी के अनुसार, 31 मार्च 2014 को महामंदिर थाना क्षेत्र में तत्कालीन थानाधिकारी इंद्रसिंह ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा था। जांच के दौरान आरोपी के पास से 18.25 ग्राम स्मैक बरामद हुई थी।
बिना नंबर की बाइक पर मिला आरोपी
पुलिस ने आरटीओ कार्यालय के सामने बिना नंबर की मोटरसाइकिल के साथ खड़े हनवंत ए बीजेएस कॉलोनी निवासी चंद्रसिंह उर्फ चंद्रवीरसिंह को हिरासत में लिया था। बरामदगी के बाद स्मैक तस्करी मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
अदालत में पेश हुए गवाह और साक्ष्य
अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 8 गवाह, 23 दस्तावेजी साक्ष्य और 3 आर्टिकल अदालत के समक्ष पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
कठोर सजा की मांग की गई
अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि स्मैक तस्करी मामला जैसे अपराध समाज पर गंभीर प्रभाव डालते हैं और ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है। वहीं आरोपी पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने का अनुरोध किया।
एनडीपीएस कोर्ट का अहम फैसला
विशिष्ट न्यायाधीश अजय कुमार भोजक ने सभी साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे दो वर्ष के कठोर कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।


