बलरामपुर में बढ़ रही चिंता
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई गांवों में बिना मान्यता और बिना चिकित्सकीय योग्यता वाले लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
खुलेआम चल रहे अवैध क्लीनिक
क्षेत्र में कई झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल स्टोर या निजी स्थानों पर क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। कहीं इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं तो कहीं मरीजों को भर्ती तक किया जा रहा है। यह सब बिना वैध अनुमति के किया जा रहा है।
मरीजों की सेहत से खिलवाड़
ग्रामीणों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर तत्काल राहत के नाम पर भारी मात्रा में एंटीबायोटिक और अन्य शक्तिशाली दवाएं दे रहे हैं। इससे मरीजों को अस्थायी आराम तो मिलता है, लेकिन बाद में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत दवाओं और अनियंत्रित एंटीबायोटिक के उपयोग से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या बढ़ सकती है। यह भविष्य में स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाने और अवैध क्लीनिक बंद कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मरीजों की सुरक्षा के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया आश्वासन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



