सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई स्टेटस रिपोर्ट
दिल्ली के चर्चित साकेत इमारत गिरने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी ने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
एमसीडी की भूमिका पर उठे सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि साकेत इमारत गिरने का मामला दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कथित लापरवाही से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को समय रहते नहीं रोका गया।
सख्त कार्रवाई की मांग
एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट में भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही साकेत इमारत गिरने का मामला में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी सिफारिश की गई है।
मृतकों के परिवारों को मुआवजे की मांग
रिपोर्ट में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है। एमिकस क्यूरी का मानना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई।
छह लोगों की गई थी जान
गौरतलब है कि 30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सैदुलाजाब इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई थी। साकेत इमारत गिरने का मामला उस समय चर्चा में आया जब इमारत के मलबे में दबने से छह लोगों की मौत हो गई थी।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का सुझाव
रिपोर्ट में दिल्ली भर में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि साकेत इमारत गिरने का मामला भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक चेतावनी साबित हो सकता है।



