हरिद्वार में लक्जरी बसों के खिलाफ चला विशेष अभियान
हरिद्वार जिले में यात्रियों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लक्जरी बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने 6 और 7 जून को विशेष सघन जांच अभियान संचालित किया।
45 बसों के चालान, 6 वाहन सीज
अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 45 बसों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 6 बसों को सीज कर दिया गया। इसके अलावा तकनीकी मानकों का पालन नहीं करने वाले 5 वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति भी की गई।
सुरक्षा मानकों की हुई व्यापक जांच
परिवहन विभाग की टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, टैक्स भुगतान, प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक लाइसेंस, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाओं की गहन जांच की।
जांच के दौरान कई वाहनों में तकनीकी और वैधानिक कमियां सामने आईं, जिसके बाद मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के नेतृत्व में चला अभियान
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुड़की कृष्णा पलारिया ने किया। अभियान में परिवहन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
वाहन संचालकों को दी गई चेतावनी
परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों और संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज अद्यतन रखें, नियमित मेंटेनेंस कराएं और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लक्जरी बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का मानना है कि ऐसे अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से जिले में समय-समय पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए जाते रहेंगे।



