गोड्डा स्टेशन पर रेलवे की बड़ी पहल
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने गोड्डा स्टेशन के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्टेशन की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक कोचिंग डिपो विकसित किया जा रहा है।
49 करोड़ रुपये की परियोजना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोचिंग डिपो परियोजना के प्रथम चरण की अनुमानित लागत लगभग 49 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे अवसंरचना को मजबूत बनाना और संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
आधुनिक सुविधाओं का होगा निर्माण
कोचिंग डिपो के अंतर्गत 600 मीटर लंबी पिट लाइन और 600 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन बनाई जा रही है। इन सुविधाओं से कोचों की जांच, मरम्मत और अनुरक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेंगे।
परिचालन क्षमता में होगा सुधार
नए कोचिंग डिपो के निर्माण से गोड्डा स्टेशन की अनुरक्षण क्षमता बढ़ेगी। इससे कोचिंग स्टॉक की उपलब्धता बेहतर होगी और परिचालन दक्षता में भी सुधार आएगा।
कई महत्वपूर्ण सुविधाएं होंगी उपलब्ध
परियोजना के तहत सर्विस रूम, कार्यालय, विद्युत उपकेंद्र और कंप्रेसर कक्ष जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा कोचिंग डिपो के लिए 50 किलोलीटर क्षमता वाली ऊपरी जल टंकी का भी निर्माण किया जा रहा है।
रेलवे सेवाओं को मिलेगा लाभ
रेलवे का मानना है कि कोचिंग डिपो बनने के बाद गोड्डा स्टेशन की परिचालन तैयारियां और मजबूत होंगी। इससे रेलवे परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को अधिक विश्वसनीय सेवाएं मिल सकेंगी।



