दरगाह परिसर से हुआ मासूम का अपहरण
हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र में सात माह के बच्चे के गायब होने का मामला सामने आया था। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। इस दौरान मासूम का अपहरण मामले ने सभी को चिंतित कर दिया।
चार दिन में पुलिस को मिली सफलता
पुलिस ने विशेष टीम बनाकर बच्चे की तलाश शुरू की। करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लगातार जांच और निगरानी के बाद मासूम का अपहरण मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान एक विकलांग महिला और उसके साथ एक संदिग्ध युवक कैमरे में दिखाई दिए। बच्चे के हाथों में छह-छह उंगलियां और महिला की वैशाखियां पहचान का प्रमुख आधार बनीं। इसी सुराग के जरिए पुलिस आरोपितों तक पहुंची।
भीख मंगवाने के लिए किया गया अपहरण
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मासूम का अपहरण अधिक भीख कमाने के उद्देश्य से किया गया था। आरोपितों का मानना था कि छोटे बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगने पर ज्यादा पैसे मिलते हैं। इसी लालच में उन्होंने यह साजिश रची।
लक्सर रेलवे स्टेशन के पास मिला बच्चा
पुलिस ने लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक महिला को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ा। तुरंत कार्रवाई करते हुए मासूम का अपहरण मामले में बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
दो आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने महिला और उसके साथी समीर उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि दोनों ने एक सप्ताह तक बच्चे और उसके परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इसके बाद मौका देखकर मासूम का अपहरण कर लिया गया।
परिवार को मिला राहत का पल
चार दिन की कड़ी मेहनत के बाद बच्चे की सुरक्षित बरामदगी से परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



