बाल श्रम के खिलाफ बच्चों की आवाज
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर वाराणसी में बच्चों ने एक प्रेरणादायक पहल की। कूड़ा बीनने और भीख मांगने वाले बच्चों ने सड़कों पर उतरकर बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली और शिक्षा का संदेश दिया।
हाथों में तख्तियां, दिल में बदलाव का सपना
कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर आयोजित रैली में करीब 100 बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने तख्तियां लेकर लोगों से अपील की कि बाल श्रम को खत्म किया जाए और हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिले। उनके नारों ने राहगीरों और यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया।
शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी
रैली में शामिल बच्चों ने कहा कि बाल श्रम किसी भी बच्चे का भविष्य छीन लेता है। उनका संदेश था कि बच्चों के हाथों में मजदूरी नहीं, बल्कि किताबें होनी चाहिए। शिक्षा ही बच्चों को बेहतर जीवन और सम्मानजनक भविष्य दे सकती है।
डेयर संस्था कर रही बदलाव का प्रयास
सामाजिक संस्था ‘डेयर’ कई वर्षों से रेलवे स्टेशनों के आसपास रहने वाले जरूरतमंद बच्चों के लिए काम कर रही है। संस्था बाल श्रम से जुड़े बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। वर्तमान में सैकड़ों बच्चे इसके शिक्षा केंद्रों में पढ़ाई कर रहे हैं।
बाल श्रम मुक्त समाज का संदेश
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने समाज से बाल श्रम रोकने में सहयोग की अपील की। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन और शिक्षा मिलना जरूरी है। बाल श्रम समाप्त होने पर ही देश का भविष्य अधिक मजबूत और उज्ज्वल बन सकेगा।
जागरूकता अभियान को मिला समर्थन
इस अभियान में रेलवे प्रशासन और अन्य अधिकारियों ने भी सहयोग किया। बाल श्रम के खिलाफ यह पहल लोगों को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुई।



