स्कूलों में लागू होंगे नए नियम
छत्तीसगढ़ सरकार ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 से स्कूलों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब सरकारी और निजी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और प्रार्थना सभा के साथ होगी।
राष्ट्रगान होगा अनिवार्य
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन अनिवार्य रहेगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना को मजबूत करना है।
सरस्वती वंदना और प्रेरक वाचन
राष्ट्रगान के बाद दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का पाठ कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनी और उनके विचारों से भी परिचित कराया जाएगा।
जयंती पर विशेष व्याख्यान
जिस माह किसी महान व्यक्तित्व की जयंती होगी, उस अवसर पर 2 से 5 मिनट का विशेष व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को देश के महान नेताओं और समाज सुधारकों के जीवन से प्रेरणा मिलेगी।
मिड-डे मील के दौरान भी होगा पाठ
नई व्यवस्था के अनुसार, मध्यान्ह भोजन के समय भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ कराया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों में अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होगा।
छुट्टी से पहले होगा विशेष कार्यक्रम
स्कूल की छुट्टी के समय राजगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। राष्ट्रगान और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, सामूहिकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा और संस्कार पर जोर
शिक्षा विभाग के अनुसार, राष्ट्रगान सहित यह पूरी व्यवस्था छात्रों में अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।



