पुलिसकर्मियों ने लिया तनावमुक्त रहने का संकल्प

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पुलिसकर्मियों ने लिया तनावमुक्त रहने का संकल्प

पुलिसकर्मियों ने तनावमुक्त रहने का संकल्प लिया है, जो उनके कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। 4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस के प्रमुख ने एक विशेष कार्यक्रम में यह घोषणा की कि सभी अधिकारियों को अब एक साप्ताहिक योग और माइंडफुलनेस सत्र में भाग लेने की अनिवार्य व्यवस्था की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य तनाव, अवसाद और बर्नआउट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक स्वस्थ कार्य वातावरण बनाना है।

साप्ताहिक योग सत्र से मिलेगी मानसिक राहत

पुलिसकर्मियों ने बताया कि लगातार बढ़ते कार्यभार और जमीनी चुनौतियों के कारण उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था। इसलिए विभाग ने साप्ताहिक योग सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों के अनुसार, योग शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है और तनाव को कम करने में प्रभावी है।

माइंडफुलनेस प्रशिक्षण से बढ़ेगी दक्षता

माइंडफुलनेस प्रशिक्षण के तहत अधिकारियों को ध्यान और श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा। इससे उनकी एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। विभाग के उप प्रमुख ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर अधिकारी अपने कार्य में अधिक स्पष्टता और शांति के साथ जुटे।”

मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन से मिलेगी त्वरित सहायता

इसके अलावा, पुलिस विभाग ने 24/7 हेल्पलाइन नंबर खोला है, जहाँ अधिकारी किसी भी समय मनोवैज्ञानिक से बात कर सकते हैं। यह सेवा सभी पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध होगी, चाहे वे स्टेशन पर हों या फील्ड में।

प्रोत्साहन योजनाओं से बढ़ेगी भागीदारी

संकल्प को बढ़ावा देने के लिए, विभाग ने प्रोत्साहन योजनाएँ भी शुरू की हैं। जो अधिकारी नियमित रूप से योग और माइंडफुलनेस सत्र में भाग लेते हैं, उन्हें अतिरिक्त अवकाश और मान्यता कार्यक्रम के तहत पुरस्कार मिलेंगे।

निष्कर्ष

पुलिसकर्मियों द्वारा लिया गया तनावमुक्त रहने का संकल्प न केवल उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक सकारात्मक कदम है। यह पहल दर्शाती है कि पुलिस बल अपने कर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता दे रहा है और उन्हें बेहतर सेवा देने के लिए सशक्त बना रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य सरकारी विभागों में भी अपनाया जा सकता है, जिससे पूरे समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।