पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राकेश कुमार सिंह ने 11 अक्टूबर 2026 को एक अनोखी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने अपने बच्चों के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बैठक का संचालन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में पारिवारिक भागीदारी को बढ़ावा देना और डिजिटल माध्यमों के जरिए दूरियों को कम करना था। कुलपति ने यह दर्शाया कि कैसे आधुनिक तकनीक शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों में नई संभावनाएँ खोल सकती है।
परिवारिक शिक्षा का नया आयाम
इस बैठक में प्रो राकेश कुमार सिंह ने अपने बच्चों को भी शामिल किया, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच संवाद को सहज बनाया गया। उन्होंने बताया कि परिवार को शैक्षणिक प्रक्रिया का हिस्सा बनाना कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे चर्चा में ताजगी आई और पारिवारिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया गया। यह पहल विश्वविद्यालय के मिशन के अनुरूप है, जो समग्र विकास पर केंद्रित है।
कुलपति की बैठक में बच्चों का योगदान
बच्चों ने अपनी रचनात्मक सोच और प्रश्नों के माध्यम से बैठक को अधिक गतिशील बना दिया। उन्होंने शिक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग पर सुझाव दिए, जैसे कि वर्चुअल रियलिटी टूल्स और इंटरेक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म। प्रो राकेश कुमार सिंह ने उनके विचारों को गंभीरता से लिया और भविष्य के पाठ्यक्रम में इनको शामिल करने की योजना बनाई। यह कदम विश्वविद्यालय को छात्रों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाता है।
संचार तकनीक ने जोड़ा दूरी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ने भौगोलिक सीमाओं को पार कर सभी प्रतिभागियों को एक ही मंच पर लाया। प्रो राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कैसे एआई और हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग ने संवाद को स्पष्ट और प्रभावी बनाया। इस तकनीक ने दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों और शिक्षकों को भी भाग लेने का अवसर दिया, जिससे विश्वविद्यालय की पहुंच और समावेशिता बढ़ी।
सफलता का अनुभव और भविष्य की दिशा
इस कार्यक्रम के बाद विश्वविद्यालय ने एक नई पहल शुरू की, जिसमें माता-पिता और छात्रों के लिए नियमित ऑनलाइन कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। प्रो राकेश कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि भविष्य में और भी इंटरैक्टिव सेशन्स होंगे, जिससे शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सहयोग बढ़ेगा। यह अनुभव दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राकेश कुमार सिंह का यह नवाचारी प्रयास शिक्षा में परिवारिक सहभागिता और डिजिटल संचार के महत्व को उजागर करता है। बच्चों के साथ मिलकर बैठक आयोजित कर उन्होंने एक नया मॉडल प्रस्तुत किया, जो अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। इस पहल से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ, बल्कि विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण भी अधिक समावेशी और भविष्य के प्रति जागरूक हुआ।


