कोटद्वार में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को लेकर बैठक ली थी विधायक रितु खंडूरी

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कोटद्वार में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को लेकर बैठक ली थी विधायक रितु खंडूरी

कोटद्वार, 18 अक्टूबर 2026 – कोटद्वार जिले के एक महत्वपूर्ण विकासात्मक निर्णय के तहत, विधायक रितु खंडूरी ने आज एक विशेष बैठक का आयोजन किया, जिसमें विद्युत उपकेंद्र की स्थापना पर चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना था। उपकेंद्र की स्थापना से न केवल विद्युत आपूर्ति में स्थिरता आएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की संभावना है।

उपकेंद्र परियोजना की पृष्ठभूमि और स्थानीय महत्व

कोटद्वार में विद्युत उपकेंद्र की योजना का मूल कारण है, वर्तमान में क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का अस्थिर रहना। पिछले वर्षों में बार-बार बिजली कटौती और वोल्टेज उतार-चढ़ाव ने न केवल घरेलू जीवन को प्रभावित किया, बल्कि छोटे उद्योगों और कृषि आधारित व्यवसायों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला। उपकेंद्र की स्थापना से नयी ऊर्जा नेटवर्किंग के माध्यम से 220kV और 132kV दोनों स्तरों पर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे उद्योगों को निरंतर ऊर्जा उपलब्ध होगी और बिजली कटौती की समस्या समाप्त होगी।

विधायक रितु खंडूरी का नेतृत्व और बैठक के मुख्य बिंदु

बैठक में विधायक रितु खंडूरी ने परियोजना के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उपकेंद्र की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था पहले से ही तैयार है, और अब केवल सरकार की मंजूरी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। बैठक में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाएगा, और स्थानीय वन्यजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, खंडूरी ने बताया कि उपकेंद्र के निर्माण से क्षेत्र में 500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनमें निर्माण, रखरखाव और प्रशासनिक पद शामिल हैं।

सामुदायिक प्रतिक्रिया और संभावित चुनौतियों का विश्लेषण समीक्षात्मक

सामुदायिक प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही। जबकि अधिकांश निवासियों ने इस परियोजना को स्वीकार किया और इसके लाभों को पहचाना, कुछ ने पर्यावरणीय प्रभाव और भूमि अधिग्रहण के मुद्दों पर चिंता जताई। पर्यावरणीय समूहों ने यह भी बताया कि उपकेंद्र के निर्माण के दौरान ध्वनि और रेडियोधर्मी विकिरण के स्तर को नियंत्रित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि और समयसीमा पर भी सवाल उठे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि परियोजना को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी संवाद और निगरानी की आवश्यकता है।

भविष्य की योजनाएँ और समयरेखा का विस्तृत अवलोकन

विधायक रितु खंडूरी ने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया कि उपकेंद्र का निर्माण 2027 के पहले तिमाही में शुरू होगा और 2028 के अंत तक पूरी तरह से कार्यशील हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के दौरान स्थानीय शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए अतिरिक्त कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार के साथ मिलकर एक समग्र ऊर्जा योजना बनाई जाएगी, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि कोटद्वार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके।

निष्कर्ष

कोटद्वार में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की बैठक ने यह स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय विकास के लिए ऊर्जा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण अनिवार्य है। विधायक रितु खंडूरी के नेतृत्व में, परियोजना को पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन के साथ आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यदि सभी हितधारक मिलकर इस पहल को सफल बनाते हैं, तो कोटद्वार न केवल बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा, बल्कि ग्रामीण एवं औद्योगिक विकास के लिए एक प्रेरणास्पद उदाहरण भी बनेगा।