मंदसौर के ऐतिहासिक चौक पर 18 अक्टूबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद (IHC) और राष्ट्रीय बजरंग दल (NBD) ने श्रद्धा और उत्साह के साथ महाआरती एवं शस्त्र पूजन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्थानीय धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है। दोनों संगठनों ने मिलकर इस पवित्र अवसर को मनाया, जहाँ हजारों श्रद्धालु और समाज के प्रमुख नेता उपस्थित थे। इस आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक ऊर्जा को बढ़ावा दिया बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को भी प्रोत्साहित किया।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद ने संगठित की भव्य महाआरती
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रमुख ने उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य सभी हिन्दू समाजों के बीच एकता और शांति को बढ़ावा देना है।” महाआरती के दौरान हजारों भक्तों ने एकजुट होकर गायक मंडली की धुनों पर मंत्र जपते हुए दीप जलाए। इस भक्ति के साथ, IHC के प्रतिनिधियों ने विश्वभर के हिन्दू समुदायों से संपर्क स्थापित करने की योजना भी प्रस्तुत की, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय बजरंग दल ने शस्त्र पूजन से सम्मानित किया
राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रमुख ने शस्त्र पूजन के दौरान पवित्र धूप और जल की प्रार्थना की। इस अनुष्ठान में पारंपरिक हथियारों का शुद्धिकरण और आशीर्वाद शामिल था, जिसे देखकर सभी ने श्रद्धा से झुकाव किया। NBD के सदस्यों ने अपने परंपरागत वेशभूषा में उपस्थित होकर शस्त्र पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम के बाद, उन्होंने स्थानीय युवाओं को शौर्य और अनुशासन के मूल्यों से अवगत कराया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रंगीन परेड और नृत्य संगीत
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रंगीन परेड, नृत्य और संगीत का समन्वय किया गया। परेड में स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक संगीतकारों ने मिलकर एक सजीव प्रस्तुति दी। नृत्य कार्यक्रम में पारंपरिक भांगड़ा, कथक और आधुनिक फ्यूजन डांस शामिल थे। इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व और पहचान को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के दौरान, स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, जिससे समुदाय में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।
समुदाय से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएँ
समुदाय के प्रमुखों और निवासियों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा, “यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक है, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।” दोनों संगठनों ने भविष्य में इसी प्रकार के कार्यक्रमों के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की, जिसमें धार्मिक शिक्षण, सांस्कृतिक कार्यशालाएँ और युवा विकास कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने यह भी वादा किया कि वे आगामी वर्ष में और अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेंगे।
निष्कर्ष
मंदसौर में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा आयोजित महाआरती एवं शस्त्र पूजन ने धार्मिक भक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम ने न सिर्फ स्थानीय समुदाय को एकजुट किया, बल्कि भविष्य में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया।


