Image of the Maa Lakshmi shared by Assam CM Dr Himanta Biswa Sarma.

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Image of the Maa Lakshmi shared by Assam CM Dr Himanta Biswa Sarma.

आसाम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने २५ अक्टूबर २०२६ को अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर देवी लक्ष्मी की एक भव्य तस्वीर साझा की। इस पोस्ट में देवी लक्ष्मी को पारंपरिक पोशाक में, हाथ में धनुष और माला लिए हुए दिखाया गया है, साथ ही उनके चारों ओर धन और समृद्धि के प्रतीक उजागर होते दिख रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य राज्य में आर्थिक विकास और समृद्धि की कामना को उजागर करना तथा जनता को प्रेरित करना था।

देवी लक्ष्मी की छवि: समृद्धि का प्रतीक

छवि में लक्ष्मी को स्वर्णिम आभूषणों के साथ दर्शाया गया है, जो आर्थिक समृद्धि और शांति का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने इस पोस्ट के साथ लिखा, “समृद्धि की देवी हमें मार्ग दिखाती हैं। आइए हम सभी मिलकर इस राज्य को समृद्धि की ओर अग्रसर करें।” इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे आर्थिक विकास को प्राथमिकता देते हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: उत्साह और आलोचना

पोस्ट पर लाखों लाइक्स और शेयर हुए, जिसमें से अधिकांश प्रतिक्रियाएँ सकारात्मक थीं। कई नागरिकों ने कहा कि देवी लक्ष्मी की तस्वीर देखकर उन्हें अपने घर और व्यवसाय में समृद्धि की कामना हुई। हालांकि, कुछ आलोचकों ने इस कदम को राजनीतिक प्रचार के रूप में देखा और यह सवाल उठाया कि क्या यह धार्मिक प्रतीक का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।

सांस्कृतिक महत्व: पारंपरिक त्योहारों से जुड़ाव

आसाम में देवी लक्ष्मी का विशेष स्थान है, खासकर दिवाली और अन्य हिन्दू त्योहारों पर। मुख्यमंत्री ने इस छवि को साझा करके यह संकेत दिया कि राज्य के सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ें। यह पहल सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देती है।

भविष्य की योजनाएँ: आर्थिक विकास के लिए कदम

पोस्ट के साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आसाम सरकार आगामी वर्ष में कृषि, उद्योग और पर्यटन में निवेश बढ़ाने के लिए नई योजनाएँ शुरू करेगी। लक्ष्मी की छवि के साथ यह संदेश दिया गया कि आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को समृद्धि का लाभ मिलेगा।

निष्कर्ष

डॉ. हिमंत बिस्व सरमा द्वारा साझा की गई देवी लक्ष्मी की छवि ने आसाम की जनता में समृद्धि की आशा जगाई। इस पोस्ट ने न केवल धार्मिक प्रतीक को उजागर किया, बल्कि राज्य की आर्थिक योजनाओं के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ाया। चाहे वह प्रशंसा हो या आलोचना, यह स्पष्ट है कि सरकार की यह पहल समाज में एक नया संवाद खोल रही है, जिसमें समृद्धि, एकता और विकास के मूल्यों को प्रमुखता दी जा रही है।