यमन के ताइज के आसपास लड़ाई तेज हो गई है। स्क्रीन ग्रैब – अल जजीरा

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यमन के ताइज के आसपास लड़ाई तेज हो गई है। स्क्रीन ग्रैब - अल जजीरा

यमन के दक्षिणी प्रांत ताइज में 25 अक्टूबर 2026 को फिर से तीव्र लड़ाई भड़क गई। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की सेनाएँ और हौथी विद्रोही समूहों के बीच टकराव के कारण कई नागरिकों की जानें गईं और शहर के बुनियादी ढाँचे पर भारी नुकसान हुआ। यह संघर्ष पिछले कुछ महीनों से बढ़ते हुए एक नई ऊँचाई पर पहुँच गया है, जिससे ताइज की स्थिति मानवीय संकट के कगार पर है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रात में भी लगातार गोलाबारी हो रही है और कई स्कूल व अस्पताल बंद हो चुके हैं। इस स्थिति ने क्षेत्रीय स्थिरता पर भी गंभीर प्रश्न उठाए हैं।

ताइज में बढ़ती हिंसा: नए संघर्ष की लहर

रिपोर्टों में कहा गया है कि हौथी विद्रोहियों ने सरकार के नियंत्रण वाले कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इसके जवाब में सरकार की सेनाओं ने रॉकेट और टैंक के साथ जवाबी कार्रवाई शुरू की। शहर के दक्षिणी हिस्से में घने जंगलों के बीच लड़ाई की तीव्रता बढ़ी है, जिससे नागरिकों को शरणस्थल खोजने में कठिनाई हो रही है। सुरक्षा बलों के अनुसार, पिछले 48 घंटे में 12 सैनिक और 7 नागरिकों की मौत हुई है। इस तरह के तीव्र संघर्ष ने ताइज को एक युद्धक्षेत्र में बदल दिया है।

सैन्य चालें और नागरिकों पर प्रभाव

ताइज के नागरिकों को अब लगातार गोलाबारी और रॉकेट हमलों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में चिकित्सा आपूर्ति की कमी और घायल लोगों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव डाला है। शिक्षा क्षेत्र में भी गड़बड़ी है, क्योंकि कई स्कूल बंद हैं और बच्चे अस्थायी शरणस्थलों में रह रहे हैं। परिवहन नेटवर्क भी टूट चुका है, जिससे मानवीय सहायता पहुँचने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय व्यापारी और किसान अपनी संपत्ति के नुकसान से जूझ रहे हैं, जबकि खाद्य और पानी की कमी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मानवीय संकट

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस संघर्ष पर कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने ताइज में मानवीय सहायता के लिए एक आपातकालीन मिशन भेजने का प्रस्ताव रखा है। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने हौथी विद्रोहियों पर आर्थिक प्रतिबंधों को बढ़ाने की बात कही है। मानवीय संगठनों ने ताइज में 10,000 से अधिक लोगों को शरण देने के लिए एक अस्थायी शिविर स्थापित किया है, लेकिन पानी और दवाइयों की आपूर्ति अभी भी अपर्याप्त है। इस संघर्ष से उत्पन्न मानवीय संकट को हल करने के लिए तत्काल शांति वार्ता की आवश्यकता है।

भविष्य की चुनौतियाँ और शांति की उम्मीद

ताइज की स्थिति अब एक नाज़ुक बिंदु पर पहुँच गई है, जहाँ किसी भी गलत कदम से पूरे यमन में संघर्ष का विस्तार हो सकता है। सरकार और हौथी विद्रोहियों के बीच संवाद की आवश्यकता स्पष्ट है, साथ ही क्षेत्रीय शक्तियों को भी मध्यस्थता करनी होगी। शांति प्रक्रिया के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि दोनों पक्ष संवाद के लिए तैयार होते हैं, तो ताइज और यमन के अन्य हिस्सों में स्थिरता की उम्मीद जगेगी।

निष्कर्ष

ताइज में बढ़ती लड़ाई ने नागरिकों की जान और जीवन को गहरा खतरा पहुँचाया है। इस संघर्ष के समाधान के लिए तुरंत शांति वार्ता और मानवीय सहायता अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका और स्थानीय नेतृत्व की जिम्मेदारी इस क्षेत्र में स्थायी शांति की कुंजी बन सकती है। यदि समय पर कदम उठाए जाएँ तो ताइज और यमन के अन्य हिस्सों में पुनर्निर्माण और विकास की राह फिर से खुल सकती है।