रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को न्यूयॉर्क के वाशिंगटन में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-यूएस के रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना तथा दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं के बीच तालमेल बढ़ाना था। दोनों नेताओं ने वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियों पर चर्चा की और पारस्परिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया।

दो देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नया आयाम

राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ ने भारत-यूएस के बीच बढ़ते हुए रक्षा सहयोग पर प्रकाश डाला। दोनों ने कहा कि संयुक्त रणनीतिक संवाद और सूचना साझा करने के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति में योगदान किया जा सकता है। इस वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने भारत की ‘सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण’ योजना को स्वीकार किया और इसे समर्थन देने के लिए अमेरिकी रक्षा उद्योग से तकनीकी सहायता की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई।

साथ-साथ रक्षा अभ्यास: 'सुरक्षा-समन्वय' कार्यक्रम की शुरुआत

बैठक के दौरान एक नया द्विपक्षीय अभ्यास कार्यक्रम ‘सुरक्षा-समन्वय’ के रूप में शुरू करने की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम के तहत भारतीय और अमेरिकी सेनाएँ संयुक्त रूप से जल, वायु और साइबर सुरक्षा पर केंद्रित अभ्यास आयोजित करेंगी। यह पहल भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के बढ़ते समुद्री दावों और साइबर खतरों के बीच भारत को अपनी रक्षा क्षमताओं को तेज़ी से बढ़ाने की आवश्यकता है।

भारत की रक्षा क्षमताओं को सशक्त करने के कदम

दोनों नेताओं ने भारतीय रक्षा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष उपायों पर भी चर्चा की। भारत को अमेरिकी प्रौद्योगिकी, विशेषकर एयरोस्पेस और साइबर सुरक्षा में सहयोग की आवश्यकता है। इसके अलावा, भारतीय रक्षा कंपनियों को अमेरिकी बाजार में प्रवेश की सुविधा देने के लिए नीति सुधारों पर भी सहमति हुई। यह कदम भारत को अपनी रक्षा उत्पादन श्रृंखला को स्वायत्त और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।

भविष्य की चुनौतियों के लिए साझा दृष्टिकोण

रक्षा मंत्री और अमेरिकी सचिव ने वर्तमान में भारत के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे कि दक्षिण चीन सागर में नौवहन स्वतंत्रता और साइबर सुरक्षा पर भी चर्चा की। दोनों ने यह स्पष्ट किया कि भारत-यूएस को इन चुनौतियों का सामना करने के लिए एकीकृत रणनीति अपनानी होगी। साथ ही, उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए संयुक्त रणनीतिक ढाँचे के भीतर सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया।

निष्कर्ष

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की इस बैठक ने भारत-यूएस के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। दोनों देशों ने मिलकर रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने, संयुक्त अभ्यास कार्यक्रम शुरू करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए साझा दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया। यह कदम भारत को वैश्विक मंच पर एक अधिक सक्षम और स्वतंत्र रक्षा शक्ति के रूप में उभरने में मदद करेगा, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और विश्व शांति में योगदान संभव होगा।