दीपावली पर प्रदेश के 541 मंदिरों में होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव: 8.00 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

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दीपावली पर प्रदेश के 541 मंदिरों में होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव: 8.00 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

दीपावली के आगमन के साथ, राज्य सरकार ने 8.00 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति देकर 541 मंदिरों में पाँच दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह पहल धार्मिक उत्सव को और भी रोशन बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है। पाँच दिन के इस भव्य कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालु एकत्रित होकर अपने-अपने मंदिरों को दीपों से सजा कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।

राज्य सरकार ने स्वीकृत राशि से मंदिरों को रोशन करने का निर्णय

इस निर्णय के तहत, हर मंदिर को न्यूनतम 1.5 लाख रुपये तक की राशि मिलेगी, जिससे वे दीप, सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बना सकें। वित्तीय मंत्रालय ने यह राशि राज्य के धार्मिक विभाग को सीधे हस्तांतरित करने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के मंदिरों को समान रूप से लाभान्वित किया जाएगा, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।

दीपोत्सव के दौरान 541 मंदिरों में होवेगा रोशनियों का महोत्सव

पाँच दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन सुबह से शाम तक मंदिरों के भीतर और बाहर हजारों रोशनी के झिलमिलाहट से माहौल अलंकृत होगा। भक्तों के लिए विशेष रूप से दीप जलाने के कार्यक्रम, जुलूस और पवित्र जल से स्नान के अवसर भी रखे गए हैं। इस दौरान, मंदिरों के भीतर के पवित्र पथ पर रोशनी की पंक्तियाँ सजी होंगी, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।

सहभागी भक्तों के लिए विशेष कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम

मंदिरों में दिवाली के दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। लोक संगीत, नृत्य और नाटक के कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तों को मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी मिलेगी। साथ ही, युवा पंक्तियों में स्वयंसेवक कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे युवाओं को स्वयंसेवा का अनुभव मिलेगा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलेगी।

सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कदम

इस आयोजन के दौरान सुरक्षा को सर्वोपरि माना गया है। मंदिरों के चारों ओर सुरक्षा गश्त, CCTV कैमरे और आपातकालीन चिकित्सा स्टेशनों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के लिए कांच के दीपों की बजाय LED लाइट्स का उपयोग सुनिश्चित किया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत और कचरे में कमी आएगी।

निष्कर्ष

इस पाँच दिवसीय दीपोत्सव के माध्यम से राज्य सरकार ने धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रोत्साहित किया है। 8.00 करोड़ रुपये की स्वीकृति से 541 मंदिरों में रोशनी की बौछार होगी, जिससे लाखों भक्तों का दिल गर्म होगा और समाज में एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिलेगा। दीपावली की इस भव्य पहल से यह स्पष्ट होता है कि धर्म और विकास एक साथ चल सकते हैं, और यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों में इसी तरह के बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए मिसाल बनेगा।