कानपुर, 28 फरवरी (हि.स.)। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें कई कमियां मिली, जिनमें कर्मचारियों की अनुपस्थिति, खराब लाइटिंग और शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब शामिल हैं। इस पर उन्होंने अधिशाषी अभियंता डीआरडीए पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही कार्यालय के रजिस्टर का अवलोकन किया। तो उसमें संबंधित के हस्ताक्षर थे लेकिन उनमें नाम नहीं दर्ज थे। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित के नाम की मोहर पदनाम लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के विकास भवन पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। इस दौरान लिपिक सागर चौधरी जोकि आकस्मिक अवकाश पर थे लेकिन मानव संपदा पोर्टल पर छुट्टी दर्ज नहीं थी। इस संदर्भ में जिला कृषि अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह से जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय का भी जायजा लिया। जहां उपस्थिति रजिस्टर में दीप्ति प्रसूति अवकाश में रहीं।
इसके बाद उन्होंने द्वितीय खण्ड के शौचालय की स्थिति को भी परखा यहां पर दो शौचालय में से एक शौचालय में ताला बंद था और बेसिन की एक टोटी टूटी हुई थी। जिसमें पानी भी नहीं आ रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बिना नियमित प्रक्रिया का पालन किए गायब रहे कमर्चारियों का आज का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए।