Fri, Feb 6, 2026
20 C
Gurgaon

झारखंड में काल बैसाखी के चलते वज्रपात और चल रही हवाएं, 18 तक यही स्थिति

रांची, 15 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में पिछले 10 दिनों से गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चल रही हैं।

मौसम में यह बदलाव काल बैसाखी के चलते हुआ है। यह जानकारी मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि काल बैसाखी अप्रैल-मई में पूर्वी भारत में आने वाला एक मौसमी तूफान है, जिसमें तेज हवा, बारिश और वज्रपात एक साथ होते हैं। इसके चलते बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके कारण मौसम में परिवर्तन देखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि झारखंड में यह स्थिति 18 अप्रैल तक देखने को मिलेगी। राज्य के विभिन हिस्सों में हल्की बारिश, गर्जन और वज्रपात होने की आशंका है। साथ ही 30-50 कि रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।

वहीं मंगलवार रांची और आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रहे और मध्यम गति की हवाएं चली। इससे गर्मी का एहसास कम हुआ।

रांची में तापमान 33.8, जमशेदपुर में डालटेनगंज में 35.8, बोकारो में 33.2 और चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

Archita phukan का वायरल वीडियो लिंक, क्या है नजारा?

असम की सोशल मीडिया सनसनी Archita phukan, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस वीडियो से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। वीडियो में क्या है नजारा, और क्या है सच?

SGT University में नजीब जंग ने की डिस्टेंस और ऑनलाइन एजुकेशन सेंटर की घोषणा!

SGT यूनिवर्सिटी में नजीब जंग ने सिर्फ प्रेरणा नहीं दी, बल्कि एक नई शिक्षा क्रांति की नींव भी रखी। क्या है इसकी खासियत?

SGT विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर: चरक जयंती पर मानवता की अनमोल मिसाल

SGT विश्वविद्यालय में चरक जयंती पर लगे रक्तदान शिविर ने आयुर्वेद की मूल भावना – सेवा और करुणा – को जीवंत किया।

अर्चिता फुकन का वायरल वीडियो: बेबीडॉल आर्ची की ‘डेम अन ग्रर’ पर सिजलिंग मूव्स ने मचाया तहलका, लेकिन क्या है असली कहानी?

असम की सोशल मीडिया स्टार अर्चिता फुकन, उर्फ बेबीडॉल आर्ची, ने ‘डेम अन ग्रर’ पर बोल्ड डांस मूव्स से इंटरनेट पर धूम मचा दी। लेकिन MMS लीक और पॉर्न इंडस्ट्री की अफवाहों ने विवाद खड़ा कर दिया। क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
spot_img

Related Articles

Popular Categories