इलाईट चौराहे पर जमकर लगे ऊर्जा मंत्री व विद्युत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारे
झांसी, 23 मई (हि.स.)। जिले में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती और पानी की समस्या को लेकर सर्वदलीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद बुंदेलखंड बिजली जन आक्रोश आंदोलन समिति का गठन किया गया है। समिति के बैनर तले शुक्रवार इलाईट चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दाैरान बिजली विभाग और ऊर्जा मंत्री के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
इस दौरान शान्ति व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के नेतृत्व में गठित की गई बुंदेलखंड बिजली जन आक्रोश आंदोलन समिति के तत्वावधान में सर्वदलीय नेता, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं ने महानगर के इलाईट चौराहा पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान मांग की गई कि जब झांसी में बिजली बन रही है तो झांसी से पूरे बुंदेलखंड को बिजली क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से झांसी शहर ही नहीं पूरे बुंदेलखंड की विद्युत हालत खराब है। जबकि अधिकारियों और सत्ता दल के नेताओं के घरों में बिजली आ रही है। आम आदमी के घरों में अंधेरा पड़ा है, बच्चे बिलबिला रहा है। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। यह बड़ी साजिश विद्युत विभाग को निजीकरण के हाथों सौंपने की है। उन्होंने कहा कि जब तक जनता को सुचारू बिजली आपूर्ति व पानी की सप्लाई सही ढंग से नहीं मिल जाती वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान राहुल रिछारिया, मनीराम कुशवाह, अर्चना गुप्ता सहित कई पार्टियों के पदाधिकारी और महानगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके इतर सांसद अनुराग शर्मा व विधायकों के पत्र लिखे जाने के बाद शुक्रवार को विद्युत विभाग के एमडी के आने और विद्युत आपूर्ति का निरीक्षण करने की चर्चाएं जोरों पर हैं।