बांग्लादेशियों के विरुद्ध वीर लाचित सेना का विरोध मार्च

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जोरहाट (असम), 28 मई (हि.स.)। असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वीर लाचित सेना ने जोरहाट की ओर एक विरोध मार्च शुरू कर दिया है, जिससे राज्य में सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पारंपरिक अस्त्रों से सुसज्जित लाचित सेना के सैकड़ों सदस्य इस जनआंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। प्रतीकात्मक हथियारों के साथ यह मार्च सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक निर्णायक चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

लाचित सेना ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक लोकतांत्रिक विरोध की अंतिम सीमा तक न पहुंच जाए। संगठन के सचिव श्रृंखल चालिहा ने कहा, “हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक लोकतंत्र के सारे रास्ते नहीं आजमाए जाते।” इस आंदोलन की मुख्य मांगों में आज़ाद चौधरी की त्वरित गिरफ्तारी और हिरासत शामिल है, जिन्हें संगठन राज्यविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगा रहा है।

साथ ही, लाचित सेना ने एक सार्वजनिक अपील जारी कर असम के हर कोने से लोगों से आग्रह किया है कि वे जोरहाट पहुंचकर इस अभियान को और बल प्रदान करें। इसके अलावा, संगठन ने बांग्लादेशी नागरिक या अवैध घुसपैठिया घोषित लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई की मांग उठाई।

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