अदालत का बड़ा फैसला
गुरुग्राम के Sadar bazaar shop को खाली कराने की निष्पादन याचिका सिविल जज रूपम की अदालत ने खारिज कर दी।
- दुकानदारों के लिए यह राहत की खबर रही।
- अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने कई तथ्य छिपाए।
- पहले भी तीन बार ऐसी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
🛑 Sadar bazaar shop दुकानदारों का विरोध
अदालत के आदेश की जानकारी मिलते ही दुकानदारों ने विरोध जताया।
- बड़ी संख्या में लोग थाना शहर पहुंचे।
- उन्होंने पुलिस और एसीपी को अपने मालिकाना हक के कागज़ात दिखाए।
- दुकानदारों का कहना है कि बार-बार फर्जी तरीके से मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।
📜 पहले भी खारिज हुई याचिकाएं
- 2017: अदालत ने कहा कि जयदेव अग्रवाल ने धोखाधड़ी से डिक्री ली थी।
- 2022: सिविल जज प्रगति राणा की अदालत ने भी निष्पादन याचिका खारिज की थी।
- अब: तीसरी बार अदालत ने साफ किया कि पुराने आदेश पर कोई निष्पादन संभव नहीं है।
⏳ 75 साल पुराना विवाद
- सदर बाजार की इन दुकानों का विवाद लगभग 75 साल पुराना है।
- 2006 में सोहनलाल के नाम से फिर से याचिका दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया।
- 1943 में अदालत के आदेश पर दुकानों की नीलामी हुई थी।
- गुमानी राम ने इन्हें सोहनलाल के नाम गिरवी रख दिया था।
- नीलामी में खरीदारों को रजिस्ट्री मिल चुकी थी।