सरोज की बदलती जिंदगी
कबीरधाम जिले की महिला सरोज साहू की जिंदगी में इस बार तीज का पर्व बेहद खास बन गया। महतारी वंदन योजना से हर महीने उन्हें आर्थिक मदद सीधे खाते में मिल रही है। इस राशि से अब वे अपने छोटे-छोटे खर्च पूरे कर पा रही हैं।
आत्मनिर्भरता का नया एहसास
पहले सरोज को घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने पति से पैसे मांगने पड़ते थे। इंतजार और झिझक अब खत्म हो चुके हैं। महतारी वंदन योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है।
तीज पर खुशियों का तोहफ़ा
इस बार तीज पर सरोज ने श्रृंगार का सामान, मायके वालों के लिए मिठाई और बच्चों के लिए पसंदीदा चीजें खरीदीं। उनके चेहरे की चमक और आत्मविश्वास दिखाता है कि योजना ने उन्हें नई पहचान दी है।
महिलाओं के लिए प्रेरणा
यह बदलाव सिर्फ सरोज तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन योजना से प्रदेश की हजारों महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। वे अब परिवार की जिम्मेदारियों में साझेदारी निभा रही हैं और अपने पैसों से परिवार को खुशियाँ दे पा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा
तीज का यह पर्व अब केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है। महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में गर्व और सम्मान की नई रोशनी जगाई है।