भारत-जापान साझेदारी का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की मुलाकात से भारत-जापान साझेदारी ने एक नया मोड़ लिया। यह साझेदारी तकनीक और प्रतिभा के संगम पर आधारित है, जो आने वाले दशक में बड़ा बदलाव लाएगी।
निवेश और नवाचार पर फोकस
बैठक के बाद साझा योजना में निवेश, नवाचार, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई। भारत-जापान साझेदारी से डिजिटल इकोनॉमी और टिकाऊ ईंधन जैसे क्षेत्रों में नई पहल शुरू होगी।
उच्च प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग
दोनों देशों ने तय किया कि सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज और डिजिटल साझेदारी 2.0 पर तेज़ी से काम होगा। साथ ही, रक्षा उद्योग और नवाचार में भारत-जापान साझेदारी को और मजबूत बनाया जाएगा।
आवागमन और आधारभूत ढांचा
हाई-स्पीड रेल से लेकर अगली पीढ़ी आवागमन परियोजनाओं तक, भारत-जापान साझेदारी का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी है। बंदरगाह, विमानन और जहाज निर्माण में भी बड़े निवेश होंगे।
साझा दृष्टिकोण: हिन्द-प्रशांत की शांति
दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिन्द-प्रशांत के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी भारत-जापान साझेदारी एक समान सोच के साथ आगे बढ़ रही है।