टोक्यो में महत्वपूर्ण बैठक
जापान की दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन, प्रधानमंत्री मोदी जापान में टोक्यो में 16 प्रांतों के राज्यपालों से मिले। बैठक में भारत-जापान के राज्य-प्रांत सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया।
सहयोग के क्षेत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि व्यापार, नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इस अवसर का फोटो और विवरण उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा किया।
वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन
बैठक के दौरान उन्होंने कल आयोजित 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन की पहल का उल्लेख किया। इस पहल के तहत दोनों देशों के बीच व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
निवेश और शिक्षा
भारत और जापान के नेताओं ने आने वाले दशक में भारत में जापानी निजी निवेश को 6.8 अरब डॉलर प्रति वर्ष तक बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही पांच वर्षों में श्रमिक और विद्यार्थी आदान-प्रदान को पांच लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।
युवा कार्यबल और अवसर
दोनों देशों को उम्मीद है कि भारत का युवा कार्यबल जापान की घटती आबादी और श्रम कमी को दूर करने में मदद करेगा। यह कदम भारत-जापान संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।
रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी जापान में इस बैठक से न केवल आर्थिक सहयोग बढ़ेगा, बल्कि तकनीक और स्टार्टअप क्षेत्र में भी नई संभावनाओं का मार्ग खुलेगा।