उत्तराखंड में संस्थागत प्रसव से घट रही नवजात मृत्यु दर: डॉ. धन सिंह रावत

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उत्तराखंड में नवजात मृत्यु दर में सुधार

देहरादून: उत्तराखंड में नवजात और शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण कमी आई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में नवजात मृत्यु दर 15 प्रति हजार, शिशु मृत्यु दर 21 प्रति हजार और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 25 प्रति हजार है। यह आंकड़े पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम हैं।

संस्थागत प्रसव और आशाओं की भूमिका

इस सुधार में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन देने की नीतियों और आशाओं के अथक प्रयासों की अहम भूमिका रही। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल में विशेष अभियान चलाए गए, जैसे शतप्रतिशत टीकाकरण और खुशियों की सवारी योजना।

स्वास्थ्य ढांचे में मजबूती

प्रदेशभर में नवजात देखभाल के लिए चार नवजात ICU, नौ स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट, 34 न्यू बोर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट, 289 नवजात देखभाल कार्नर और 47 कंगारू मदर केयर यूनिट स्थापित की गई हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन इकाइयों में कुल 4,643 नवजातों का सफल उपचार किया गया।

पोषण और बीमारी नियंत्रण

प्रदेशभर में 6-59 माह के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड सिरप और 5-9 वर्ष के बच्चों को पिंक टैबलेट दी गई। स्टॉप डायरिया अभियान के तहत 0-5 वर्ष के बच्चों का ओआरएस और जिंक कवरेज 90% रहा।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

चार जिलों में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट कर्मियों को 15 दिवसीय ऑन-साइट हैंड होल्डिंग प्रशिक्षण दिया गया, जिससे चिकित्सकों की नैदानिक दक्षता और सेवा मानक में सुधार हुआ।

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