हरदोई से अयोध्या तक : कृष्ण मोहन की समाजसेवा से रामलला सेवा तक की गौरवगाथा

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हरदोई के कृष्ण मोहन को रामलला सेवा का अवसर

हरदोई। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हरदोई ज़िले के कृष्ण मोहन की सदस्यता ने जिले का गौरव बढ़ाया है। यह नियुक्ति उनके जीवन-यात्रा का प्रतीक है, जिसमें विज्ञान, प्रशासन और समाजसेवा का समन्वय है।

विज्ञान और प्रशासन में योगदान

सितंबर 1952 में जन्मे कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.एससी. (1978) की डिग्री प्राप्त कर एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में देश की सेवा की। इसके बाद उन्होंने भारतीय वन सेवा में प्रवेश कर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद तक काम किया। 2012 में सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए।

समाजसेवा और संघ से जुड़ाव

सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण मोहन ने सिकन्दरपुर गाँव, हरदोई में रहकर समाजसेवा और संगठन कार्य में सक्रिय योगदान दिया। नागपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर उन्होंने संघ की गतिविधियों में नेतृत्व निभाया। वर्तमान में वे पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संघ चालक के पद पर कार्यरत हैं।

रामलला सेवा में विशेष भूमिका

22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा में कृष्ण मोहन यजमान बने। रामदरबार सहित परिसर के अन्य सात मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा में भी उन्होंने सेवा का पुण्य पाया। वे कहते हैं, “रामलला ने मुझे अपनी सेवा का अवसर प्रदान किया, यह जीवन का परम सौभाग्य है।”

नई जिम्मेदारी, नया गौरव

अब कृष्ण मोहन राम जन्मभूमि ट्रस्ट में सदस्य बनकर अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला की सेवा करेंगे। यह नियुक्ति न केवल उनकी उपलब्धि है, बल्कि हरदोई जिले का भी गर्व है। उनकी यात्रा यह दर्शाती है कि विज्ञान, प्रशासन और समाजसेवा के बाद अध्यात्म और सेवा का मार्ग जीवन को पूर्णता प्रदान करता है।

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