गुरुग्राम में आईएनएस अरावली नौसैनिक अड्डे के रूप में कमीशन, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का तालमेल

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गुरुग्राम में आईएनएस अरावली को नए नौसैनिक अड्डे के रूप में कमीशन

नई दिल्ली, 12 सितंबर: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में गुरुग्राम में आईएनएस अरावली को नवीनतम नौसैनिक अड्डे के रूप में कमीशन किया गया। यह नया स्वदेशी नेवल बेस समंदर से 1,100 किमी दूर रहकर भारतीय नौसेना को नई ताकत देगा।

यह युद्धपोत गुरुग्राम से सूचना और तकनीक के माध्यम से अत्याधुनिक तालमेल सेंटर के रूप में काम करेगा, जिसमें तमाम सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का समन्वय होगा। कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि कमीशनिंग समारोह में नौसेना प्रमुख का 50 जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर किया गया। यूनिट के प्रथम कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुमार सिंह ने संस्कृत में मंगलाचरण पाठ के बाद कमीशनिंग वारंट पढ़ा।

कमीशनिंग पट्टिका का अनावरण और राष्ट्रगान के साथ नौसेना ध्वज फहराने की परंपरा निभाई गई। आईएनएस अरावली का नाम अरावली पर्वतमाला से लिया गया है। यह बेस नौसेना के विभिन्न सूचना और संचार केंद्रों को सहायता प्रदान करेगा और भारत के कमांड, नियंत्रण और समुद्री जागरूकता ढांचे के लिए महत्वपूर्ण होगा।

आईएनएस अरावली हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह क्षेत्र दुनिया के 80% से अधिक तेल और 75% समुद्री व्यापार का मार्ग है। अरावली में मौजूद इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर समुद्री डकैती, आतंकवाद, तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और मानव तस्करी जैसे खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाएगा।

नौसेना बेस के शिखर पर उगता सूर्य सुरक्षा, सतर्कता और लचीलापन का प्रतीक है। ‘सामुद्रिक सुरक्षाः सहयोगं’ के आदर्श वाक्य के तहत आईएनएस अरावली नौसेना बेस सहायक और सहयोगी लोकाचार का उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

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