चार अंतरराज्यीय कोचिये गिरफ्तार, आरोपित भेजे गए जेल
रायगढ़, 29 नवंबर (हि.स.)। जिले में धान के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बीती रात बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर घरघोड़ा एसडीएम के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सात गुप्त जंगल रास्तों को पूरी तरह बंद कराया और मौके से चार अंतरराज्यीय कोचियों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया।
ये रास्ते ओडिशा–छत्तीसगढ़ सीमा से होकर घने जंगलों के बीच गुप्त रूप से बनाए गए थे, जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर धान की तस्करी के लिए किया जा रहा था। प्रशासन को सूचना मिली थी कि धान की आवाजाही लाल चंदन तस्करी जैसी गुप्त तकनीक से की जा रही है।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम देर रात मौके पर पहुंची। एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने निरीक्षण कर तत्काल जेसीबी मंगवाकर सभी सात रास्तों की गहरी खुदाई कर उन्हें पूरी तरह बंद करवा दिया, ताकि इनके माध्यम से दोबारा कोई अवैध आवक न हो सके।
कार्रवाई के दौरान मौजूद चार कोचियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वे न केवल अवैध परिवहन में संलिप्त पाए गए बल्कि पूछताछ के दौरान शासकीय कार्य में बाधा भी डाल रहे थे। उनके खिलाफ भा.द.वि. की धारा 126, 135(3) और 170 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह नेटवर्क तब सामने आया जब 28 नवंबर को ग्राम बिजना (तमनार) में ओडिशा से धान आने की जानकारी प्रशासन को मिली। जांच में पता चला कि लंबे समय से बड़ी मात्रा में धान इन्हीं गुप्त मार्गों से तमनार क्षेत्र तक पहुंचाया जा रहा था।
जिले में अब तक प्रशासन द्वारा 7,579 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है और 48 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न तहसीलों में 70 कोचियों-बिचौलियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।




