जरासंध का टीला होगा विकसित? एएसआई से समन्वय कर प्रयास करेंगे डॉ. अरविंद शर्मा

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🏛️ विधानसभा में उठा जरासंध का टीला मुद्दा

हरियाणा विधानसभा में जरासंध का टीला विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इस पर सदन को जानकारी दी।

🏺 एएसआई के संरक्षण में है स्थल

उन्होंने बताया कि जरासंध का टीला एएसआई के अधीन संरक्षित स्मारक है।
यह स्थल कुषाण काल का प्राचीन और विशाल बौद्ध स्तूप है।

🌳 पार्क विकास पर होगी कोशिश

जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पार्क विकास पर प्रयास किए जाएंगे।
इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से समन्वय किया जाएगा।

⚖️ कानून के तहत सीमाएं

यह स्मारक 1958 के अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित है।
इस कारण कोई भी विकास कार्य केवल एएसआई ही कर सकता है।

🌏 बौद्ध सर्किट में शामिल नहीं

फिलहाल इसे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट में शामिल करने का प्रस्ताव नहीं है।
राज्य सरकार के स्तर पर भी कोई योजना विचाराधीन नहीं है।

🧾 अन्य पुरातात्विक अवशेष मिले

अन्वेषण में पेंटेड ग्रे वेयर के बर्तन भी पाए गए हैं।
इसके अलावा प्राचीन सिक्के और मध्यकालीन अवशेष मिले हैं।

🤝 सरकार का आश्वासन

डॉ. अरविंद शर्मा ने सौंदर्यकरण की संभावनाएं तलाशने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि एएसआई के साथ मिलकर प्रयास किए जाएंगे।

🔍 ऐतिहासिक धरोहर पर नजर

जरासंध का टीला विकास ऐतिहासिक संरक्षण और जनहित से जुड़ा विषय है।
अब सभी की निगाहें एएसआई के फैसले पर टिकी हैं।

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