मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज से क्रिकेट का एक बिल्कुल अलग और सांस्कृतिक रूप देखने को मिलेगा। शिवाजी नगर स्थित अंकुर खेल मैदान में सोमवार से संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ हो रहा है। यह प्रतियोगिता 5 से 9 जनवरी 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रदेशभर की 27 टीमें भाग लेंगी।
इस टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह है कि खिलाड़ी पारंपरिक जर्सी नहीं, बल्कि धोती-कुर्ता पहनकर मैदान में उतरेंगे और पूरा खेल संस्कृत भाषा में संचालित होगा। यहां न केवल खिलाड़ी बल्कि अंपायर और कमेंटेटर भी क्रिकेट से जुड़े शब्द संस्कृत में बोलेंगे।
🏏 महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला का छठा संस्करण
यह अनोखा आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 के तहत किया जा रहा है। इसे वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति द्वारा परशुराम कल्याण बोर्ड के संयोजन से आयोजित किया जा रहा है। बोर्ड अध्यक्ष विष्णु राजोरिया ने बताया कि यह आयोजन लगातार छठे वर्ष आयोजित हो रहा है और इसका उद्देश्य युवाओं को संस्कृत और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।
🏆 पुरस्कार और सम्मान
टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज को श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीरामचरितमानस भेंट की जाएगी।
विजेता टीम को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
🗣️ क्रिकेट की भाषा होगी संस्कृत
इस प्रतियोगिता में क्रिकेट की रोजमर्रा की शब्दावली भी संस्कृत में होगी, जैसे —
| अंग्रेज़ी शब्द | संस्कृत रूप |
|---|---|
| Pitch | क्षिप्या |
| Ball | कन्दुकम् |
| Bat | वल्लकः |
| Run | धावनम् |
| Four (4) | चतुष्कम् |
| Six (6) | षठकम् |
| Umpire | निर्णायक |
यह अनोखा प्रयोग खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा।




