🔹 बड़ागणेश दरबार में भारी भीड़
वाराणसी में Varanasi Sankashti Chaturthi पर अद्भुत श्रद्धा देखने को मिली।
कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर तक पहुंच गईं।
🔹 व्रत रखने वाली महिलाएं
महिलाएं संतान सुख और दीर्घायु की कामना से व्रत रखती हैं।
इस कारण Varanasi Sankashti Chaturthi का महत्व और बढ़ जाता है।
🔹 भोर से शुरू हुए दर्शन
सुबह होते ही भक्त गणेश दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
इससे Varanasi Sankashti Chaturthi का माहौल भक्तिमय हो गया।
🔹 चतुर्थी का शुभ समय
पुजारियों के अनुसार तिथि सुबह 08:01 बजे शुरू हुई।
यह समय Varanasi Sankashti Chaturthi के लिए बेहद शुभ माना गया।
🔹 संकट से मुक्ति का व्रत
मान्यता है कि इस दिन गणेश पूजा से बाधाएं दूर होती हैं।
इसीलिए Varanasi Sankashti Chaturthi को संकट नाशक कहा जाता है।
🔹 गजानन की कथा
पौराणिक कथा में गणेश को हाथी का सिर मिला था।
इस कथा से Varanasi Sankashti Chaturthi का महत्व जुड़ा हुआ है।
🔹 चंद्रोदय पर पारण
भक्त चंद्र दर्शन के बाद ही अपना व्रत तोड़ते हैं।
इससे Varanasi Sankashti Chaturthi का विधान पूरा होता है।
🔹 आस्था की मिसाल
पूरे दिन मंदिर में भक्ति का माहौल बना रहा।
इसलिए Varanasi Sankashti Chaturthi श्रद्धा का पर्व बन गया।




