पश्चिम बंगाल के नेताई में बुधवार को उस समय राजनीतिक और सामाजिक टकराव की तस्वीर सामने आई, जब एक ओर तृणमूल कांग्रेस शहीद दिवस मना रही थी और दूसरी ओर उसी इलाके के छात्र-छात्राएं शिक्षक की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इस मुद्दे को लेकर राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता नेताई के इतिहास और उसकी सामाजिक पीड़ा से अनभिज्ञ हैं।
📚 छात्रों को नहीं मिल रहे शिक्षक
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नेताई के स्कूलों में लंबे समय से गणित, अंग्रेज़ी, भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उन्होंने लिखा कि जब सत्तारूढ़ पार्टी राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त थी, उसी समय छात्र अपनी बुनियादी शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे।
🏫 सरकार पर सीधा हमला
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि टीईटी परीक्षा के जरिए नई नियुक्तियां वर्षों से नहीं हुई हैं, जिससे खासकर ग्रामीण इलाकों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अदालत को दोष देना सरकार की विफलताओं को छिपाने की कोशिश है।
⚖️ शिक्षक भर्ती घोटाले पर सवाल
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूरे देश को पता है कि तृणमूल शासन में नौकरी घोटाले हुए, जहां पैसे लेकर अयोग्य लोगों को शिक्षक बनाया गया।
उन्होंने याद दिलाया कि अदालत के आदेश पर 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द हुई, जो इस भ्रष्ट व्यवस्था का प्रमाण है।
✊ नेताई की परंपरा को सलाम
अपने पोस्ट के अंत में शुभेंदु अधिकारी ने नेताई के छात्रों की प्रशंसा करते हुए लिखा—
“विरोध प्रदर्शन का दूसरा नाम ही नेताई है।”
उन्होंने कहा कि नेताई की धरती ने एक बार फिर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है।




