उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) गुरुवार को घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की चपेट में रही। सुबह करीब 10 बजे तक दृश्यता महज 50 मीटर तक सिमटी रही, जिससे शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। वाहन चालक फॉग लाइट और हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से सफर करते नजर आए।
🚗 सड़कों पर थमी रफ्तार
घना कोहरा इतना घना था कि कई इलाकों में सामने का वाहन भी साफ नजर नहीं आ रहा था। जरूरी काम से ही लोग घरों से निकले। बाजारों में सुबह दस बजे के बाद ही हलचल दिखाई दी।
❄️ गलन और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर पूर्वांचल तक महसूस किया जा रहा है। गलन इतनी तेज है कि लोग गर्म कपड़ों के साथ अलाव का सहारा ले रहे हैं।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार,
“हवा में नमी ज्यादा होने से ठंडी हवा ऊपर नहीं उठ पा रही है। इससे कोहरा और गलन दोनों बढ़ रहे हैं।”
📅 11 जनवरी तक ठंड से राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, 11 जनवरी तक वाराणसी और पूर्वी यूपी में इसी तरह ठंड, कोहरा और गलन बनी रहेगी।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से 9 जनवरी के बाद थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मकर संक्रांति के आसपास फिर ठंड बढ़ने की संभावना है।
🌡️ तापमान
पिछले 24 घंटों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई:
- अधिकतम तापमान: 18°C
- न्यूनतम तापमान: 7°C
🌾 खेती पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक,
- आलू और सरसों की फसल पर ठंड और कोहरे का नकारात्मक असर पड़ेगा
- जबकि गेहूं की फसल के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है




