जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया है। घने जंगलों में छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी, सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
बिलवार क्षेत्र के कहोग गांव में बुधवार शाम आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी। पूरी रात इलाके की घेराबंदी के बाद गुरुवार सुबह धनु परोल–कमाध नाला क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज किया गया।
🔫 मुठभेड़ में एक जवान घायल
गोलीबारी के दौरान एक सुरक्षाकर्मी को गोली लगने से मामूली चोट आई है। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक फायरिंग हुई, हालांकि किसी आतंकी के घायल होने की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
🛡️ बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तुती ने बताया कि दुर्गम और घने जंगलों के बावजूद सुरक्षाबल आतंकियों को घेरे हुए हैं। इलाके में ड्रोन और हवाई निगरानी भी की जा रही है और अतिरिक्त फोर्स को मौके पर भेजा गया है।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में हाई अलर्ट जारी है। बीएसएफ, पुलिस और ग्राम रक्षा गार्डों (VDG) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
📊 दो साल में बड़ा नुकसान
अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कठुआ जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ों में
- 16 नागरिकों की मौत
- 11 सुरक्षाकर्मी शहीद
- 5 आतंकवादी मारे गए हैं
सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन को क्षेत्र में घुसपैठ रोकने और आतंकवाद की कमर तोड़ने की दिशा में बेहद अहम मान रही हैं।




